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expensive painting: यह दुनिया का सबसे महंगा पेंटिंग हजारों करोड़ से भी ज्यादा है इसकी कीमत इस देश में है

कला की दुनिया में नित नए रिकॉर्ड बनते रहते हैं, लेकिन जब बात सबसे महंगी पेंटिंग की हो, तो एक नाम सबसे ऊपर आता है – ‘सल्वाटोर मुंडी’। यह अद्वितीय पेंटिंग, जो लिओनार्दो दा विंची की कलाकृतियों में से एक मानी जाती है, ने नीलामी में ऐसी धूम मचाई कि कला प्रेमियों और विशेषज्ञों की आँखें चकाचौंध रह गईं।

पेंटिंग का इतिहास और महत्व

‘सल्वाटोर मुंडी’ का इतालवी में अर्थ होता है ‘विश्व के उद्धारकर्ता’। यह पेंटिंग ईसा मसीह की एक दुर्लभ छवि प्रस्तुत करती है, जिसमें वे एक हाथ में क्रिस्टल का गोला पकड़े हुए हैं और दूसरे हाथ से आशीर्वाद दे रहे हैं। यह पेंटिंग लगभग 1500 के दशक में बनाई गई थी और माना जाता है कि यह लिओनार्दो दा विंची की अंतिम कृतियों में से एक है।

इस पेंटिंग का इतिहास बेहद जटिल और रहस्यमय रहा है। इसे सदियों तक खोया हुआ माना गया और फिर 20वीं सदी के प्रारंभ में इसे दोबारा खोजा गया। इसके बाद इस पर कई बार पुनर्स्थापना का कार्य हुआ, जिससे इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठते रहे।

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नीलामी और रिकॉर्ड

2017 में, न्यूयॉर्क के क्रिस्टीज नीलामी घर में ‘सल्वाटोर मुंडी’ को नीलाम किया गया। इसकी शुरुआती बोली $100 मिलियन से शुरू हुई, लेकिन यह आंकड़ा जल्द ही इतिहास बन गया जब इसे $450.3 मिलियन में बेचा गया। यह अब तक की सबसे महंगी नीलाम की गई पेंटिंग बन गई।

इस नीलामी ने पूरे कला जगत में हलचल मचा दी। इस पेंटिंग को एक गुमनाम खरीदार ने खरीदा, जिसे बाद में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ जोड़ा गया। यह घटना न केवल पेंटिंग की कीमत के कारण चर्चा में रही, बल्कि इसके पीछे की राजनीति और कूटनीति के कारण भी।

विवाद और प्रश्न

‘सल्वाटोर मुंडी’ की प्रामाणिकता पर विवाद जारी है। कई कला विशेषज्ञ और इतिहासकार मानते हैं कि यह पूर्ण रूप से लिओनार्दो दा विंची की कृति नहीं है, बल्कि उनके शिष्यों द्वारा भी इसमें योगदान दिया गया है। इसके बावजूद, यह पेंटिंग अपने अद्वितीय सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के कारण अत्यधिक मूल्यवान मानी जाती है।

नीलामी के बाद, यह पेंटिंग सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं की गई है। इसे सऊदी अरब के एक निजी संग्रह में रखा गया है। इसे देखने की संभावना और इसकी सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल उठते हैं।

कला की दुनिया में प्रभाव

‘सल्वाटोर मुंडी’ की नीलामी ने कला बाज़ार में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि कला और सांस्कृतिक धरोहर का मूल्य समय के साथ और अधिक बढ़ सकता है। इसके अलावा, इसने कला संग्राहकों और निवेशकों को भी प्रेरित किया है कि वे ऐतिहासिक कलाकृतियों में निवेश करें।

कला की दुनिया में ‘सल्वाटोर मुंडी’ की नीलामी एक महत्वपूर्ण घटना रही है। इसने न केवल एक पेंटिंग के मूल्य को अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर पहुँचाया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि कला की असली कीमत उसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व में निहित होती है। चाहे इसके पीछे कितने भी विवाद और प्रश्न हों, ‘सल्वाटोर मुंडी’ का आकर्षण और महत्व अनंत है।

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