
उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियाँ की जा रही हैं। इसी क्रम में देवरिया पुलिस ने सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में बैठकें आयोजित कीं तथा पैदल मार्च निकालकर जनता को जागरूक करने का कार्य किया। यह पहल न केवल प्रशासन की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी उजागर करती है।
मोहर्रम इस्लाम धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे श्रद्धा, अनुशासन और धार्मिक भावनाओं के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर ताजिया जुलूस, मजलिस और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी होती है, इसलिए प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्वक और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हों। इसी को ध्यान में रखते हुए देवरिया पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में शांति समिति और पीस कमेटी की बैठकों का आयोजन किया।
बनकटा थाना क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग में आयोजित पीस कमेटी की बैठक इसका प्रमुख उदाहरण है। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी दिनेश कुमार मौर्य ने की। इस दौरान क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, धर्मगुरुओं, ताजियादारों तथा समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया और अपने सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक का मुख्य उद्देश्य मोहर्रम पर्व के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं पर चर्चा करना तथा उनके समाधान के लिए सामूहिक रणनीति तैयार करना था।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे पर्व को प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाएं। साथ ही अफवाहों से बचने, सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश न फैलाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया गया। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की बैठकों से आम जनता और प्रशासन के बीच संवाद स्थापित होता है, जिससे आपसी विश्वास और सहयोग की भावना मजबूत होती है।
इसी क्रम में मजौलीराज क्षेत्र में पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के नेतृत्व में पैदल मार्च का आयोजन किया गया। इस मार्च में क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी और पुलिस बल के अन्य जवान भी शामिल रहे। पैदल मार्च का उद्देश्य लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करना तथा यह संदेश देना था कि पुलिस प्रशासन हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़ा है।
पैदल मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने नगर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख चौराहों तथा संभावित जुलूस मार्गों का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। अधिकारियों ने दुकानदारों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएँ सुनीं तथा उन्हें शांति बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान लोगों ने भी प्रशासन के प्रयासों की सराहना की और सहयोग का आश्वासन दिया।
मोहर्रम जैसे धार्मिक अवसरों पर सामाजिक एकता और पारस्परिक सम्मान का विशेष महत्व होता है। भारत विविधताओं का देश है, जहाँ विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों और परंपराओं के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। ऐसे में त्योहार केवल किसी एक समुदाय का नहीं बल्कि पूरे समाज की साझी विरासत बन जाते हैं। यदि सभी लोग आपसी सम्मान और सहयोग की भावना से कार्य करें तो किसी भी प्रकार का विवाद या तनाव उत्पन्न नहीं हो सकता।
देवरिया पुलिस द्वारा आयोजित बैठकें और पैदल मार्च इस बात का प्रमाण हैं कि प्रशासन केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय किसी भी क्षेत्र में शांति और विकास की आधारशिला होता है। जब नागरिक प्रशासन पर विश्वास करते हैं और प्रशासन नागरिकों की समस्याओं को समझते हुए उनके साथ संवाद स्थापित करता है, तब सामाजिक सौहार्द और अधिक मजबूत होता है।
आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया का प्रभाव अत्यधिक बढ़ गया है। कई बार झूठी खबरें और अफवाहें समाज में तनाव पैदा कर सकती हैं। इसलिए प्रशासन द्वारा लोगों को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। मोहर्रम के अवसर पर भी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी को ही मान्यता दें। यह कदम सामाजिक शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अंततः कहा जा सकता है कि देवरिया पुलिस की यह पहल समाज में भाईचारे, शांति और सद्भाव को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। पीस कमेटी की बैठकें, जनसंवाद और पैदल मार्च जैसे कार्यक्रम न केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाते हैं, बल्कि नागरिकों में विश्वास और सहयोग की भावना भी विकसित करते हैं। मोहर्रम पर्व का वास्तविक संदेश भी त्याग, धैर्य, मानवता और एकता का है। यदि सभी नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करें और आपसी प्रेम तथा सम्मान की भावना बनाए रखें, तो हर त्योहार शांति, खुशी और सौहार्द का प्रतीक बन सकता है।
देवरिया पुलिस की यह पहल अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो यह दर्शाती है कि प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयासों से किसी भी पर्व को सफलतापूर्वक और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सकता है। यही सामाजिक एकता और राष्ट्रीय सद्भाव की सच्ची पहचान है।

