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Deoria News: डीएम ने जिला प्रोबेशन अधिकारी से किया स्पष्टीकरण तलब, मनोवैज्ञानिक का रोका वेतन

जिलाधिकारी अखण्ड प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति सह बाल विवाह रोक थाम टॉस्क फोर्स की त्रैमासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। जिलाधिकारी ने समिति के बैठक नियमित अंतराल पर न कराने और खराब पर्यवेक्षण पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी को चेतावनी पत्र देने के साथ ही स्पष्टीकरण तलब किया एवं बच्चों के संबन्ध में जानकारी देने में असमर्थ रहने पर एक साइकोलॉजिस्ट का वेतन रोकने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी से मिशन वात्सल्य के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय, ब्लॉक स्तरीय, ग्राम स्तरीय एवं वार्ड स्तर समितियों की पिछली बैठकों का ब्यौरा मांगा, जिसमें यह तथ्य प्रकाश में आया कि इस वित्तीय वर्ष में समितियों की एक भी बैठक आयोजित नहीं हुई है जबकि नियमों में त्रैमासिक समीक्षा बैठक का प्रावधान है। वार्ड स्तरीय गठित समितियों की संख्या भी महज 27 मिली, जबकि जनपद की 17 नगर निकायों में 261 वार्ड हैं। डीएम ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी को चेतावनी पत्र देने के साथ ही स्पष्टीकरण भी तलब किया है।

जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण का निर्देश दिया। राजकीय बाल गृह (बालक) में रह रहे बच्चों के विषय में जानकारी देने में असमर्थ रहने पर जिलाधिकारी ने साइकोलॉजिस्ट राम कृपाल का वेतन रोकने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने पॉक्सो से जुड़े प्रकरणों में सत प्रतिशत सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट (एसआईआर) सबमिट करने का निर्देश दिया। वर्ष 2023 में पॉक्सो के 92 प्रकरण विचाराधीन हैं जिसमें से 44 में प्रकरणों में ही एसआईआर रिपोर्ट लगी है।जिलाधिकारी ने किशोर न्याय बोर्ड में लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। इस वित्तीय वर्ष में किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष 56 नए प्रकरण सामने आए हैं।

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जिलाधिकारी ने कोविड से प्रभावित बच्चों एवं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत लाभान्वित बच्चों के विषय में भी जानकारी प्राप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे किस दशा में रह रहे हैं और किन स्कूलों में शिक्षा मिल रही है, उनके अभिभावक आदि के विषय में विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने हाल के दिनों में हुए बाल विवाह प्रकरण का भी संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    बैठक में सीएमओ डॉ राजेश झा, एडीएम प्रशासन गौरव श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ राजेश सोनकर, जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल सोनकर, समाज कल्याण अधिकारी जैसवार लाल बहादुर, जोनल कॉर्डिनेटर यूनिसेफ नीरज शर्मा, संरक्षण अधिकारी जयप्रकाश तिवारी, साइकोलॉजिस्ट मीनू जायसवाल, रणजीत कुमार सहित विभिन्न लोग उपस्थित थे।

जिलाधिकारी ने किया राजकीय बाल गृह का निरीक्षण

जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने कल देर सायं राजकीय बाल गृह का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बाल गृह में रह रहे बच्चों की शिक्षा, भोजन, स्वच्छता के संबन्ध में जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के समय बाल गृह में 23 बच्चे मौजूद मिले। जिलाधिकारी ने कहा कि राजकीय बाल गृह में रह रहे बच्चों को उनके परिजनों के पास भेजने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए एक्सपर्ट टीम का गठन किया जाएगा जो बच्चों के परिजनों को चिन्हित कर उनके माता-पिता के पास भेजेगी। निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ राजेश झा, एडीएम प्रशासन गौरव श्रीवास्तव, जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल सोनकर सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।

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