WhatsApp Channel Link

devrahva baba,ram mandir राम मंदिर पर इस बाबा का भविष्यवाणी हुआ सच जिन्हें कोई नहीं जानता

अयोध्या राम मंदिर

आज पूरी दुनिया में राम मंदिर को लेकर चर्चा होती है लेकिन आज हम एक ऐसे योगी के बारे में बताने वाले हैं जो आज गुमनामी में खो गए हैं जब वह जीवित थे तो भारत के प्रसिद्ध राजनेता उनके चरणों में नतमस्तक होते थे ।

मैं बात कर रहा हूं देवरिया जनपद स्थित तपोभूमि महर्षि देवराहा बाबा जिन्होंने राम मंदिर की भविष्यवाणी पहले ही कर दिया था कि राम मंदिर बनेगा और कोई वाद-विवाद नहीं होगा जो सच साबित हुआ भारत के राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी कांग्रेस को सिंबल देने वाले महर्षि देवराहा बाबा की तपोभूमि का आज नहीं हुआ कोई विकास ।

AD

 

देवराहा बाबा की तपोभूमि कहां है

देवराहा बाबा उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद मइल चौराहा के समीप सरयू नदी के किनारे रह कर तब किया करते थे 1980 के आसपास देवरहा बाबा के पास लगभग भारत के सभी राजनीतिक पार्टी के बड़े नेता जाते थे माथा टेक ते थे उनसे आशीर्वाद लेते थे कुछ मीडिया रिपोर्ट की माने तो देवराहा बाबा के आशीर्वाद से भारत में कांग्रेस की सरकार बनी उन्होंने इंदिरा गांधी को हाथ उठाकर आशीर्वाद दिया था तभी से इंदिरा गांधी ने हाथ का पंजा अपने पार्टी का सिंबल बना लिया ।

किसने किया था राम मंदिर का भविष्यवाणी

महर्षि देवराहा बाबा ने ही या भविष्यवाणी किए थे कि राम मंदिर अवश्य बनेगा जब राम मंदिर बनेगा तो कोई वाद-विवाद नहीं होगा राम मंदिर पूरी तरह से शांति से बनेगा और भव्य बनेगा देवराहा बाबा की यह बात सच हो गई कहा जाता है कि उस समय महर्षि देवराहा बाबा लोगों की मन की बात जान लेते थे जिनकी जन्म के बारे में किसी को नहीं जानकारी है कि उनका जन्म कब हुआ और कहा हु कोई नहीं जानता ।

कोई यह भी नहीं जानता है कि वह देवरिया कहां से आए थे । बाबा के पास देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद पुरुषोत्तम दास टंडन, मदन मोहन मालवीय, इंदिरा गांधी इन, जैसे महान विभूति उनके आशीर्वाद लेने पहुंच ते थे ।

महर्षि देवराहा बाबा की तपोभूमि आज किस हालात में है

महर्षि देवराहा बाबा की तपोभूमि जहां वह तब करते थे आज उसकी स्थिति काफी दयनीय है जो उसे दुनिया में पहचान मिलनी चाहिए नहीं मिल पाई इतने बड़े संत होने के बाद भी उनकी तपोभूमि आज गुमनामी का शिकार हो गई है न तो किसी राजनेता का नजर पड़ता है नहीं किसी अधिकारी की मइल स्थित तपोभूमि पर आज भी राजनेता और अधिकारी जाते रहते हैं लेकिन तपोभूमि की कायाकल्प नहीं बदली जब भी सरयू नदी का पानी का जलस्तर बढ़ता है तपोभूमि चारों तरफ से पानियों से घिर जाता है । आज भी महर्षि देवराहा बाबा की तपोभूमि की दर्शन करने देश के कोने कोने से लोग पहुंचते हैं जहां एक कल्पवृक्ष भी है जिसे कहा जाता है स्वर्ग लोक का वृक्ष है जिस की परिक्रमा करने से सुख शांति और समृद्धि मिलती है।

देवरहा बाबा की मृत्यु कब हुई

देवराहा बाबा के जन्म के बारे में तो किसी को नहीं पता लेकिन उनकी मृत्यु के बारे में स्थानीय लोग बताते हैं कि वह आत्म इच्छा से अपना प्राण त्यागे थे बताया जाता है कि 19 मई 1990 में देवरहा बाबा की मृत्यु हुई । लेकिन आज भी महर्षि देवराहा बाबा जिस स्थान पर बैठते थे वह मौजूद है जिसका लोग दर्शन करने जाते हैं ।

अगर आप भी इस तपोभूमि पर जाना चाहते हैं तो देवरिया जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर मइल चौराहा से 3 किलोमीटर दक्षिण सरयू नदी के तट पर स्थित है तपोभूमि

AD4A