देवरिया में राजकीय बाल गृह का जनपद न्यायाधीश, डीएम, एसपी और सीडीओ ने किया निरीक्षण, बच्चों की सुविधाओं का लिया जायजा, Deori News

बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था पर दिया जोर, अधिकारियों ने बच्चों से बातचीत कर जानी समस्याएं,

देवरिया, 29 अक्टूबर। जनपद में बच्चों के संरक्षण, सुरक्षा और बेहतर देखभाल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जनपद न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी, पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर और मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने राजकीय बाल गृह, देवरिया का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने बाल गृह में रह रहे बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली और आवास, भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता तथा सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया।

बच्चों के रहने और साफ-सफाई की व्यवस्था परखी

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बाल गृह में बच्चों के रहने वाले कमरों, बिस्तरों, पेयजल की उपलब्धता, शौचालय और स्नानघर की साफ-सफाई का जायजा लिया। परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और बच्चों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने यह देखा कि बच्चों के दैनिक जीवन से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध हैं या नहीं।

पौष्टिक भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की ली जानकारी

अधिकारियों ने रसोईघर का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता, खाद्य सामग्री के रखरखाव और बच्चों को निर्धारित समय पर भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। बच्चों को पौष्टिक एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराने के महत्व पर भी जोर दिया गया।

इसके साथ ही बच्चों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, बीमारी की स्थिति में उपचार और स्वास्थ्य संबंधी देखभाल की व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की गई। अधिकारियों ने बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और उनकी आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील रहने पर जोर दिया।

शिक्षा और मनोरंजन की सुविधाओं का भी लिया जायजा

राजकीय बाल गृह में बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, शैक्षणिक सुविधाओं, दैनिक दिनचर्या, खेलकूद और मनोरंजन से संबंधित व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने बच्चों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं, जरूरतों और उन्हें मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बच्चों की शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए उपलब्ध अवसरों की स्थिति भी जानी गई।

निरीक्षण के दौरान बाल गृह में बच्चों की देखरेख में लगे कर्मचारियों की भूमिका, सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक अभिलेखों के रखरखाव का भी अवलोकन किया गया। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देखरेख से जुड़ी व्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण बताया गया।

बच्चों के संरक्षण और सर्वांगीण विकास पर जोर

अधिकारियों ने कहा कि राजकीय बाल गृह में रहने वाले बच्चों की देखभाल केवल उनकी मूलभूत जरूरतों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनके शारीरिक, मानसिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। बच्चों के साथ संवेदनशीलता, आत्मीयता और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना आवश्यक है, ताकि वे सुरक्षित वातावरण में रहकर आगे बढ़ सकें।

उन्होंने बच्चों को स्वच्छ आवास, गुणवत्तापूर्ण भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और मनोरंजन के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के महत्व पर जोर दिया। निरीक्षण का उद्देश्य बाल गृह की व्यवस्थाओं का जायजा लेना और बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक पहल सुनिश्चित करना रहा।

राजकीय बाल गृह में रहने वाले बच्चों का संरक्षण और उनका सर्वांगीण विकास प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है। ऐसे में बच्चों की जरूरतों को समझना, उनकी समस्याओं का समाधान करना और उन्हें सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है।

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