जिले के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) श्री राजेश कुमार सिंह ने विकास खंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चार विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का गहन परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने प्राथमिक विद्यालय सोनू घाट, प्राथमिक विद्यालय सुविखर, उच्च प्राथमिक विद्यालय सुविखर तथा प्राथमिक विद्यालय पार्वतीपुर का भ्रमण किया और स्कूलों में चल रही व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को परखा।

निरीक्षण के समय सीडीओ ने विद्यालयों में साफ-सफाई, कक्षाओं की व्यवस्था, छात्रों की उपस्थिति, शिक्षकों की नियमितता और पढ़ाई की गुणवत्ता को लेकर जानकारी ली। उन्होंने प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों से बातचीत कर यह भी जाना कि बच्चों को शिक्षा देने में किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और विद्यालयों में शासन की योजनाएं किस स्तर तक लागू हो रही हैं।
मिड-डे मील की गुणवत्ता की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने मिड-डे मील योजना के अंतर्गत परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने भोजन की स्वच्छता, स्वाद और मानक के अनुरूप तैयार होने की स्थिति को जानने के लिए स्वयं भोजन कर उसकी गुणवत्ता का परीक्षण किया। भोजन को संतोषजनक पाए जाने पर उन्होंने संबंधित रसोइयों व कर्मियों को निर्देशित किया कि बच्चों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाए।

सीडीओ ने स्पष्ट कहा कि मिड-डे मील केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है। इसलिए भोजन की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि भोजन बनाते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए और निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही बच्चों को भोजन दिया जाए।
ड्रेस और पाठ्य-पुस्तकों की समय पर उपलब्धता पर जोर
सीडीओ राजेश कुमार सिंह ने विद्यालयों में विद्यार्थियों को मिलने वाली ड्रेस और पाठ्य-पुस्तकों की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया कि सभी पात्र बच्चों को ड्रेस और किताबें समय से अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी भी छात्र की पढ़ाई बाधित न हो।
उन्होंने कहा कि कई बार ड्रेस और किताबें देर से मिलने के कारण बच्चों का मनोबल प्रभावित होता है और पठन-पाठन में दिक्कत आती है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि वितरण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो और किसी भी बच्चे को वंचित न रखा जाए।
शिक्षकों को दिए गए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार तभी संभव है जब शिक्षक समय से विद्यालय पहुंचें और कक्षाओं में नियमित रूप से पढ़ाई कराएं।
इसके साथ ही उन्होंने विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल बेहतर बनाने, बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने और शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने पर विशेष जोर दिया।
सीडीओ ने स्पष्ट किया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य स्कूलों में सुधार लाना है और जहां भी कमियां मिलेंगी, उन्हें दूर करने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाएगी।