Deoria News: देवरिया में दर्दनाक हादसा: ट्रांसफार्मर पर काम कर रहे प्राइवेट लाइनमैन की करंट लगने से मौत, घंटों लटका रहा शव

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Reporter • B NEWS UP • ID: BNP-REP
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देवरिया जिले में रविवार को मौनी अमावस्या के दिन एक बेहद दुखद हादसा सामने आया। लार थाना क्षेत्र के फरियाव डीह फीडर पर ट्रांसफार्मर की मरम्मत के दौरान करंट की चपेट में आने से एक प्राइवेट लाइनमैन की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और मृतक का शव काफी देर तक ट्रांसफार्मर पर ही लटका रहा, जिसे देर शाम तक उतारा नहीं जा सका।


जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान मझवलिया निवासी मुख़्तार साहनी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मुख़्तार साहनी अक्सर बिजली उपभोक्ताओं की मदद के लिए फीडर क्षेत्र में बिजली फॉल्ट ठीक करने का काम करते थे। हालांकि वह न तो विभाग में सरकारी लाइनमैन थे और न ही किसी संविदा पर नियुक्त थे। इसके बावजूद क्षेत्र में बिजली खराब होने पर लोग उन्हें बुलाते थे और वे मौके पर पहुंचकर तार जोड़ने, फ्यूज बदलने, लाइन ठीक करने जैसे कार्य कर देते थे। इसी काम से मिलने वाली मजदूरी उनके परिवार के लिए रोजी-रोटी का सहारा थी।


रविवार को भी रोज की तरह मुख़्तार साहनी को फरियाव डीह फीडर से जुड़े एक उपभोक्ता ने फोन कर बुलाया था। बताया जा रहा है कि उन्होंने फीडर कार्यालय से शटडाउन लेकर ट्रांसफार्मर पर चढ़कर मरम्मत कार्य शुरू किया। वह ट्रांसफार्मर पर तार जोड़ रहे थे, इसी दौरान अचानक बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई। आरोप है कि बिजली कार्यालय की लापरवाही से शटडाउन के बावजूद करंट दे दिया गया, जिससे मुख़्तार साहनी तेज झटके के साथ करंट की चपेट में आ गए।


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करंट लगते ही वह ट्रांसफार्मर पर ही तड़पने लगे और कुछ ही क्षणों में उनकी मौके पर मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि उनका शव ट्रांसफार्मर पर ही लटक गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के बाद मौके पर मौजूद लोग सहम गए और कोई भी तुरंत शव उतारने की हिम्मत नहीं जुटा सका। इसके बाद भी घंटों तक शव वहीं लटका रहा, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता गया।
बताया जा रहा है कि जिस उपभोक्ता ने उन्हें मरम्मत के लिए बुलाया था, वह भी घटना के बाद घबराकर पीछे हट गया। वहीं फरियाव डीह बिजली कार्यालय के कर्मचारियों ने भी घटना के बाद अपना-अपना पल्ला झाड़ना शुरू कर दिया। स्थिति यह रही कि देर शाम करीब 7:30 बजे तक शव नहीं उतारा जा सका, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली सप्लाई रोकी जाती और जिम्मेदार कर्मचारी सतर्क रहते तो यह जानलेवा हादसा नहीं होता।


घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर जुटते रहे। वहीं हादसे को लेकर पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतक के परिवार पर इस हादसे से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख़्तार साहनी गरीब परिवार से थे और मेहनत-मजदूरी कर अपने घर का खर्च चलाते थे।
इस मामले में अवर अभियंता अविनाश कुमार से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन नेटवर्क समस्या के कारण उनसे बात नहीं हो सकी। फिलहाल घटना को लेकर लोग बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।

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