देवरिया, 17 अक्टूबर। पूर्व मंत्री स्व. रविन्द्र किशोर शाही की पुण्यतिथि के अवसर पर नगर पंचायत पथरदेवा स्थित आचार्य नरेंद्र देव इंटर कॉलेज परिसर में 17 एवं 18 अक्टूबर को दो दिवसीय क्षेत्रीय किसान मेले का आयोजन किया जा रहा है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में आयोजित मेले का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने किया। मेले में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

मेले के दौरान उप कृषि निदेशक की ओर से रबी सीजन 2026-27 के तहत राज्य सहायतित योजना में चयनित किसानों को तिलहनी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो किलोग्राम तोरिया (लाही) बीज की मिनीकिट निःशुल्क वितरित की गई। इस पहल का उद्देश्य तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करना है।
किसान मेले में कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों द्वारा किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने, उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने तथा फसलों को कीटों से बचाने के प्रभावी उपायों की जानकारी दी जा रही है। विशेषज्ञ किसानों को खेती में नवीन तकनीकों के इस्तेमाल और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन एवं आय बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
किसानों को विभिन्न विभागों की योजनाओं से जोड़ने के लिए कृषि सूचना तंत्र योजना के अंतर्गत कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, भूमि संरक्षण, इफको, कृभको, उद्यान एवं लघु सिंचाई विभाग सहित विभिन्न संस्थानों के स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से किसानों को सरकारी अनुदान, कृषि उपकरणों, उन्नत कृषि संसाधनों और विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
मेले में किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों से अवगत कराने के साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। आयोजन के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती अपनाने, तिलहन उत्पादन बढ़ाने और कृषि कार्यों को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इस अवसर पर देवरिया सदर सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, भाटपाररानी विधायक सभाकुंवर, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. एमकेएस सुंदरम, मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, संयुक्त कृषि निदेशक गोरखपुर मंडल, उप कृषि निदेशक देवरिया, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी तथा कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. मान्धाता सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कृषि वैज्ञानिक उपस्थित रहे।
