देवरिया में नहरों से छेड़छाड़ पर सख्ती, डीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश; किसानों से जल संरक्षण की अपील

देवरिया, 27 जून। जिले में सिंचाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और नहरों का पानी अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने स्पष्ट किया है कि नहरों की अवैध कटिंग, मिट्टी का बांध बनाकर पानी रोकने तथा रेगुलेटर और फाटकों से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने क्षेत्रीय पुलिस को नियमित गश्त और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।


जिलाधिकारी के संज्ञान में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने जानकारी दी कि जनपद के कई क्षेत्रों में कुछ लोग नहरों की अवैध कटिंग कर रहे हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर मिट्टी का बांध बनाकर पानी रोक लिया जाता है तथा रेगुलेटर और फाटकों से छेड़छाड़ कर अनधिकृत रूप से सिंचाई की जा रही है। इन गतिविधियों के कारण नहर का पानी अंतिम छोर यानी टेल क्षेत्र तक नहीं पहुंच पाता, जिससे बड़ी संख्या में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।
प्रशासन का कहना है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों से न केवल सरकारी सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि जल वितरण में असमानता भी पैदा होती है। इसका सीधा नुकसान उन किसानों को उठाना पड़ता है जिनकी खेती नहर के अंतिम हिस्से में स्थित है। ऐसे किसानों की फसलें पानी के अभाव में प्रभावित हो रही हैं।


जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कहा कि वर्तमान समय में वर्षा की कमी और सूखे जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए उपलब्ध जल संसाधनों का न्यायसंगत और पारदर्शी उपयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करें ताकि हर किसान को समान रूप से सिंचाई का लाभ मिल सके। यदि सभी लोग नियमों का पालन करेंगे तो नहर का पानी बिना किसी बाधा के अंतिम छोर तक पहुंचेगा और सभी किसानों को समय पर सिंचाई का लाभ मिलेगा।


उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और किसान का भी दायित्व है। जल एक साझा और अमूल्य प्राकृतिक संसाधन है, जिसकी हर बूंद का संरक्षण आवश्यक है। सीमित जल संसाधनों का सही प्रबंधन ही भविष्य में खेती और पेयजल की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा।
डीएम ने जनपद के किसानों और आम नागरिकों से अपील की कि नहरों को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचाएं। नहरों की अवैध कटिंग, मिट्टी का बांध बनाना, रेगुलेटर या फाटकों से छेड़छाड़ जैसी गतिविधियों से पूरी तरह दूर रहें। यदि कहीं इस प्रकार की घटना होती है तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों या सिंचाई विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।


जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नहरों से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य किसी एक व्यक्ति को लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि पूरे जनपद के किसानों को समान रूप से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है। अधिकारियों का मानना है कि प्रशासन और किसानों के संयुक्त सहयोग से ही जल संरक्षण, नहरों का बेहतर संचालन और खेती के लिए पर्याप्त सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।

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