
उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त एवं आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एकीकृत ट्रॉमा नेटवर्क विकसित करने तथा प्रत्येक मंडल में आधुनिक कैंसर केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
इस योजना का उद्देश्य दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति में घायल मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराना तथा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम, शीघ्र पहचान और गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करना है।मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में राज्य की स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से एकीकृत ट्रॉमा नेटवर्क विकसित किया जाए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में मरीजों को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर उपचार मिल सके।
इसके लिए मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। साथ ही, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित डिजिटल रेफरल प्रणाली भी विकसित की जाएगी, जिससे मरीजों को आवश्यकता के अनुसार सही अस्पताल तक शीघ्र पहुँचाया जा सके।सरकार का लक्ष्य है कि राज्य की लगभग 95 प्रतिशत आबादी को 60 मिनट के भीतर आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।
इसके लिए आधुनिक एंबुलेंस नेटवर्क, प्रशिक्षित चिकित्सकीय दल और बेहतर डिजिटल व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे गंभीर मरीजों के इलाज में होने वाली देरी कम होगी और मृत्यु दर में भी कमी आने की संभावना है।बैठक में कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रत्येक मंडल में आधुनिक कैंसर केंद्र स्थापित किए जाएँ। इन केंद्रों में कैंसर की जांच, स्क्रीनिंग, निदान और उपचार की समुचित व्यवस्था होगी।
साथ ही जिला स्तर पर भी कैंसर से संबंधित सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा, ताकि मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था केवल उपचार तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बीमारी की रोकथाम और समय पर पहचान पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। विशेष रूप से तंबाकू से होने वाले कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक नियमित कैंसर स्क्रीनिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे रोग का प्रारंभिक अवस्था में पता लगाया जा सके।राज्य सरकार ने वर्ष 2026 से 2036 तक के लिए 10 वर्षीय राज्य कैंसर रोडमैप भी तैयार किया है। इस रोडमैप के अंतर्गत कैंसर नियंत्रण, उपचार सुविधाओं का विस्तार, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विकास औरजनजागरूकता जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर कार्य किया जाएगा।
इसके अलावा बाल्यावस्था कैंसर के उपचार के लिए भी प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में विशेष सुविधाएँ विकसित की जाएँगी।कुल मिलाकर, यह पहल उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ट्रॉमा नेटवर्क और आधुनिक कैंसर केंद्रों की स्थापना से आम नागरिकों को समय पर बेहतर चिकित्सा सेवाएँ मिलेंगी तथा गंभीर बीमारियों के उपचार में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।

