उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के माधोपुर गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब गांव के पास एक विशालकाय अजगर दिखाई दिया। अजगर के दिखते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकलकर मौके पर जमा हो गए। देखते ही देखते आसपास के बच्चे और युवक भी वहां पहुंच गए। गांव में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अजगर काफी बड़ा था और वह इधर-उधर रेंगता हुआ दिखाई दे रहा था। गांव के लोग पहले तो घबरा गए, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए स्थिति को संभालने की कोशिश की। ग्रामीणों का कहना है कि अजगर अचानक गांव की ओर आ गया था, जिससे बच्चों और महिलाओं में डर बढ़ गया। लोग इस बात को लेकर भी चिंतित दिखे कि कहीं अजगर किसी को नुकसान न पहुंचा दे।
ग्रामीणों ने बताया कि अजगर सांप विषैला नहीं होता, लेकिन फिर भी इसे खतरनाक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार अजगर अपने शिकार को कुंडली मारकर जकड़ लेता है और दबाव बनाकर उसे बेहोश कर देता है। यही वजह है कि कई बार यह बड़े जानवरों के साथ-साथ इंसान को भी खतरा पहुंचा सकता है, खासकर तब जब उसे लगे कि कोई उसके करीब आकर उसे नुकसान पहुंचाने वाला है। गांव के लोगों का कहना है कि अजगर को देखकर उन्होंने बच्चों को तुरंत दूर हटाया और सावधानी बरतने की अपील की।
बताया जा रहा है कि अजगर गांव के पास एक जगह से निकलकर नदी की ओर भागने लगा। इस दौरान वह खुद को बचाने के लिए तेजी से इधर-उधर भाग रहा था। कुछ बच्चों ने यह देखा तो उन्होंने समझदारी दिखाई और बिना पत्थरबाजी किए उसे नुकसान पहुंचाने से रोका। गांव के लोगों के मुताबिक अगर समय रहते बच्चों ने ध्यान न दिया होता तो कुछ लोग डर के कारण उसे मारने की कोशिश कर सकते थे, जिससे अजगर की जान भी खतरे में पड़ सकती थी।
ग्रामीणों के अनुसार मौके पर मौजूद बच्चों और युवकों ने कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित तरीके से काबू में किया और फिर उसे गांव से दूर जंगल की ओर ले जाकर छोड़ दिया। बताया गया कि यह काम आसान नहीं था, क्योंकि अजगर काफी बड़ा था और बार-बार भागने की कोशिश कर रहा था। लेकिन बच्चों ने हिम्मत और सूझबूझ दिखाते हुए उसे जंगल तक पहुंचाया, जिससे गांव वालों को भी राहत मिली और अजगर की जान भी बच गई।
इस घटना के बाद गांव में चर्चा का विषय बन गया कि बरसात या मौसम परिवर्तन के समय अक्सर सांप और अन्य जंगली जीव आबादी वाले इलाकों में निकल आते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि ऐसे मामलों में समय पर मदद मिले और गांव के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए। लोगों ने यह भी कहा कि यदि गांव में दोबारा कोई जंगली जानवर या सांप दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचना दी जानी चाहिए, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो।
फिलहाल अजगर को जंगल में छोड़ दिए जाने के बाद गांव में स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन ग्रामीणों में अब भी सतर्कता बनी हुई है। लोगों ने बच्चों की हिम्मत की सराहना की और कहा कि उन्होंने न केवल गांव वालों को संभावित खतरे से बचाया, बल्कि **एक बेजुबान जीव की जान भी बच

