देवरिया में बाढ़ से चार दिनों से 35 गांव अंधेरे मे ,10 गांव और हुए मैरूड़

सरयू नदी के बाढ़ के पानी थोड़ा घटने से कुछ गांवों के लोगों ने राहत महसूस की है वही 10 गांवो में पानी घुसने परेशानी बढ़ गई है पूरा गांव मैरूडं हो गया है मईल मगहरा मार्ग पर मईल चौराहे व बगही मे सड़क पर एक फुट ऊंचा पानी बह रहा है जिससे बगहा, बगही ,बलहा,पिपरा पाठक, बेलवा, सोनबरसा ,गोहरिया , देवड़ी ,पनिका, ज्ञान छपरा गांव चारों तरफ से पानी से घिर गया है। रविवार को मईल थाने में लगभग चार फुट पानी घुस गया है।सभी पुलिसकर्मियों परेशान है मौके पर पहुंच सीओ ने हाल जाना है । वही क्षेत्र के श्री राम इंटर कॉलेज तेलिया व महाविद्यालय, बाबू बैजनाथ सिंह महाविद्यालय देवढ़ी,रामाशंकर कृषक महाविद्यालय मईल में बाढ़ के 3 से 4 फुट पानी बह रहा है।
बाढ़ में जहां लोग घर बार छोड़ने पर मजबूर है वही बेजुबानों को निवाले का संकट पैदा हो गया है। देवार में अधिकतर मात्रा में लोग पशुओं को पालते है। अचानक आयी बाढ़ से जहां लोगो का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वही पशुओं को लोग छोड़ रहे है।क्षेत्र के बकुची, बगहा, बगही, मईल, मईलौटा, नरसिंहडाढ़, पनिका,अंडीला,तलिया सोनबरसा,नारियाव आदि गावो में घरों में पानी घुसने से लोग घर छोड़ रहे है।सारे रास्ते बन्द हैं एक गांव से दुसरे गांव का संम्पर्क टूटा हुआ है वही अपने बेजुबान पशुओं के लिए और परेशान है। डेवढ़ी स्थित मुर्गा फार्म में अचानक पानी भर जाने से मुर्गियां डूबकर मर रही है। कुछ मुर्गियों को बचाकर बाहर ले जाया गया। देख रेख कर रहे छट्ठू यादव ने बताया कि अचानक रात के समय बाढ़ का पानी आ जाने से बहुत सी मुर्गियां उसमें डूब कर मर गयी। जिससे लाखो का नुकसान हो गया। मुर्गियों के साथ साथ रखे दाने भी पानी मे भीगने से खराब हो गए। पनिका निवासी मंजूर अंसारी, अनूप राजभर की आंखे अपने पशुओं के लिए डबडबा गयी। उन्होंने बताया कि हम लोगों का जीवनयापन पशुओं से चलता है। अब जब अपने ही शरीर का ठिकाना नही है तो पशुओं का क्या किया जाए। पशुओं को हम लोगो को छोड़ना पड़ रहा है ताकि वे अपना जीवन बिता सके। वहीं तेलिया कला बिद्युत उपकेंद्र में पानी घुसने से चार दिनों से 35 गावों मे बिजली आपूर्ति नहीं होने से बाढ़ पीड़ितों की परेशानी बढ़ गई है। मईल के वीरेन्द्र चौधरी,रवीकेश, तेलिया कला के छोटू, रिंकू सिंह अखिलेश नरियाव के रामनक्षत्र ,नरसिडाढ़ के रामप्रवेश, पंकज यादव,आदि लोगों का कहना है कि बाढ़ के पानी में बिषैला सर्प निकल रहा है बिजली नहीं रहने से अंधेरा रात में लोग भयभीत रह रहे हैं। वही मोबाइल चार्ज कर आने के लिए लोगों को 5 किलोमीटर दूर लार रोड भागलपुर बरठा जाना पड़ रहा है। इस संबंध मे तेलिया कंला के जेई बसंत लाल वर्मा ने बताया कि बाढ़ के पानी हटने के बाद ही उप केंद्र चालू हो सकेगा। उप केंद्र से लगभग 35 गांव सम्मिलित है।

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