Deoria News: देवरिया पुलिस का अभियान: अवैध शराब और अपराधियों पर कसा शिकंजा, कई गिरफ्तारियां

देवरिया जनपद में पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत वीर के नेतृत्व में अपराधियों और अवैध कार्यों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया गया। खासकर कच्ची शराब के निष्कर्षण, परिवहन और विक्रय पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से इस अभियान को अंजाम दिया गया। जिले के विभिन्न थानों की पुलिस टीमों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए कई अभियुक्तों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की। साथ ही, अन्य आपराधिक गतिविधियों पर भी कार्रवाई की गई। आइए जानते हैं इस अभियान की प्रमुख उपलब्धियां।

आबकारी अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही:

  • थाना रामपुर कारखाना: पुलिस टीम ने झारखंड के गुमला जनपद निवासी अभियुक्त बनु उरांव पुत्र बिरसुचरन उरांव को गिरफ्तार किया। उसके पास से 7 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। उसे न्यायालय में पेश कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की गई।
  • थाना मदनपुर: पुलिस ने गोरखपुर के बड़हलगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सेमरा निवासी प्रमोद पुत्र रामनाथ को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 12 अदद ‘बंटी-बबली’ देसी शराब की शीशियां बरामद हुईं, जिनकी कुल मात्रा 2.4 लीटर थी। अभियुक्त को न्यायालय में प्रस्तुत कर आगे की कार्यवाही की गई।
  • थाना बरियारपुर: पुलिस ने झारखंड के घाघरा जनपद की अनीता उरांव पत्नी सोमा उरांव को गिरफ्तार किया। उसके पास से 10 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। उसे न्यायिक कार्यवाही हेतु चालान किया गया।
  • थाना खामपार: पुलिस टीम ने बिहार के गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र के निवासी सचिन यादव पुत्र मैनेजर यादव उर्फ लड्डू को गिरफ्तार किया। उसके पास से 72 शीशियां ‘बंटी-बबली’ देशी शराब बरामद हुईं, प्रत्येक 200 एमएल की मात्रा वाली थी। कुल शराब 13.6 लीटर थी, जिसे जब्त कर न्यायालय में चालान किया गया।

निरोधात्मक कार्यवाही:

दिनांक 06 अप्रैल 2025 को जिले के विभिन्न थानों द्वारा निरोधात्मक कार्यवाही करते हुए 170 बीएनएसएस (BNS) के अंतर्गत कुल 17 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। यह कार्यवाही अपराधियों पर नियंत्रण और शांति व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हुई।

मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही:

पुलिस द्वारा दिनांक 06 अप्रैल 2025 को जिले भर में संदिग्ध अपराधियों, वाहनों और व्यक्तियों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान 98 वाहनों से कुल 1,33,000 रुपये का शमन शुल्क (ई-चालान के माध्यम से) वसूला गया। यह कार्रवाई न केवल ट्रैफिक नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए थी, बल्कि अपराधियों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखने की दृष्टि से की गई थी।

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