देवरिया के बरहज तहसील क्षेत्र में अधिवक्ता बृजेंद्र कुमार सिंह की मौत के मामले में प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बरहज के एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी को निलंबित कर दिया है। शासन ने प्रारंभिक जांच में उन्हें प्रथम दृष्टया लापरवाही का जिम्मेदार माना है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

मामला बरहज क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव का है। यहां नाली और नलकूप की जमीन पर सीसी रोड निर्माण को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद को सुलझाने के लिए एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। मौके पर अधिवक्ता बृजेंद्र कुमार सिंह और प्रशासनिक टीम के बीच तीखी बहस हो गई।
परिजनों का आरोप है कि विवाद के दौरान एसडीएम ने अधिवक्ता और उनके बेटों को गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी। आरोप है कि यह सुनने के बाद अधिवक्ता की तबीयत बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर पड़े। बाद में उनकी मौत हो गई।
हालांकि एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वह विवाद सुलझाकर वहां से लौट चुके थे और उसके बाद अधिवक्ता की तबीयत खराब हुई। उन्होंने किसी भी तरह की धमकी या अभद्रता से इनकार किया है।
घटना के बाद बरहज तहसील में भारी हंगामा मच गया। बड़ी संख्या में अधिवक्ता और ग्रामीण शव लेकर तहसील पहुंच गए और एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। लोगों ने प्रदर्शन करते हुए एसडीएम, लेखपाल और ग्राम प्रधान पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
मामले की जांच के लिए शासन ने तीन सदस्यीय समिति बनाई थी। समिति की रिपोर्ट में एसडीएम की भूमिका पर सवाल उठाए गए। रिपोर्ट मिलने के बाद शासन ने तत्काल प्रभाव से एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी को निलंबित कर दिया। साथ ही प्रयागराज मंडल के आयुक्त को विभागीय जांच का अधिकारी बनाया गया है।
निलंबन के बाद विपिन कुमार द्विवेदी को राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं पुलिस भी पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

