उत्तर भारत समेत कई राज्यों में कड़ाके की ठंड ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। तापमान में लगातार गिरावट, ठंडी हवाएं और घना कोहरा आम जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। सुबह और रात के समय सर्दी का असर इतना ज्यादा है कि लोग घरों से निकलने में हिचकिचा रहे हैं। सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और जरूरी कामों के अलावा लोग बाहर निकलने से बच रहे हैं।

ठंड का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर देखने को मिल रहा है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार, सांस की समस्या और जोड़ों के दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में इम्युनिटी कमजोर होने लगती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। विशेषकर दमा, हृदय रोग और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
घने कोहरे के कारण यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। सुबह के समय सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। कई जगहों पर ट्रेनें और बसें देरी से चल रही हैं, वहीं कुछ ट्रेनें रद्द भी करनी पड़ी हैं। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और व्यापारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ठंड का असर दिहाड़ी मजदूरों और गरीब तबके पर भी साफ नजर आ रहा है। खुले में काम करने वाले मजदूरों के लिए सर्द रातें किसी चुनौती से कम नहीं हैं। कई जगहों पर लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन जरूरत के मुकाबले यह अभी भी कम मानी जा रही है।
स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए भी ठंड परेशानी का कारण बनी हुई है। कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, तो कहीं-कहीं अवकाश घोषित कर दिया गया है। अभिभावक बच्चों की सेहत को लेकर चिंतित हैं और उन्हें पूरी तरह गर्म कपड़ों में ही बाहर भेज रहे हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो ठंड के मौसम में शरीर को गर्म रखना बेहद जरूरी है। गर्म कपड़े पहनने, गुनगुना पानी पीने, पौष्टिक भोजन करने और सुबह-शाम की ठंडी हवा से बचने की सलाह दी जा रही है। साथ ही आग जलाते समय और हीटर का उपयोग करते समय सावधानी बरतने की भी जरूरत है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में लोगों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाएं। कड़ाके की सर्दी के इस दौर में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

