देवरिया।
बैतालपुर नगर पंचायत में इन दिनों राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। नगर पंचायत के सभासदों और अध्यक्ष के बीच आरोप–प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सभासदों ने प्रेसवार्ता कर नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, वहीं अध्यक्ष ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए सिरे से खारिज किया है।

सभासदों का कहना है कि नगर पंचायत में लिए जा रहे कई अहम निर्णय निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की सहमति के बिना किए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि सफाई व्यवस्था, कर्मियों की तैनाती और विकास कार्यों से जुड़े प्रस्तावों में सभासदों की भूमिका सीमित कर दी गई है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
सभासदों ने यह भी आरोप लगाया कि ठंड के मौसम में नगर पंचायत क्षेत्र के कई वार्डों में न तो अलाव की व्यवस्था कराई गई और न ही जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए। उनका कहना है कि इस कारण आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही सभासदों ने यह आशंका भी जताई कि उन्हें दबाव में लाने या फर्जी मामलों में उलझाने की कोशिश की जा रही है, जिसे वे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे।
प्रेसवार्ता में कई सभासद और उनके प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने नगर पंचायत की कार्यशैली पर सामूहिक रूप से नाराजगी जाहिर की और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
वहीं, नगर पंचायत अध्यक्ष ने सभासदों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताया है। अध्यक्ष का कहना है कि नगर पंचायत में सभी कार्य नियमों और प्रक्रियाओं के तहत किए जा रहे हैं तथा किसी भी प्रकार का बाहरी या व्यक्तिगत दबाव उन पर नहीं है।
अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि बीते दिनों कुछ सभासदों ने नगर पंचायत कार्यालय में उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में उन्होंने संबंधित थाने और उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
अध्यक्ष का कहना है कि यदि उन पर किसी प्रकार का अवैध दबाव या प्रभाव होता, तो अब तक उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई हो चुकी होती। उन्होंने प्रशासन से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बैतालपुर नगर पंचायत की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं कि इस आरोप–प्रत्यारोप के बीच सच्चाई क्या सामने आती है।

