देवरिया।
पंचायत सहायक संघ, जनपद देवरिया ने गुरुवार 21 अगस्त 2025 को क्रॉप सर्वे से संबंधित अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान जिले के सैकड़ों पंचायत सहायकों ने एकजुट होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और संगठन की ताकत का परिचय दिया। कार्यक्रम के तहत सभी साथियों ने जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल को प्रत्यक्ष रूप से ज्ञापन सौंपा और विस्तारपूर्वक अपनी मांगों को रखा।

संघ ने मांग की कि पंचायत सहायकों को सम्मानजनक मानदेय, नियमित सेवाएं और कार्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही, क्रॉप सर्वे जैसे कार्यों में पंचायत सहायकों की सहभागिता तभी हो जब उनकी समस्याओं का समाधान हो और उनके अधिकारों की रक्षा की जाए। जिलाधिकारी महोदया ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए भरोसा दिलाया कि सभी उचित मांगों पर सकारात्मक विचार कर शीघ्र समाधान निकाला जाएगा।
हालांकि, पंचायत सहायक संघ ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि समय रहते उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो संगठन क्रॉप सर्वे का पुनः बहिष्कार करने के लिए बाध्य होगा। संघ का कहना है कि पंचायत सहायकों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ आंदोलन तेज किया जाएगा।
नवचयनित पदाधिकारी बने पंचायत सहायकों की नई उम्मीद
इस मौके पर पंचायत सहायकों ने सर्वसम्मति से संघ के नए पदाधिकारियों का चयन भी किया। निर्विरोध निर्वाचन में –
अध्यक्ष – श्री अंशुल कुमार भारती (विकासखंड भाटपाररानी)
उपाध्यक्ष – श्री राशिद हुसैन (विकासखंड देसहीँ, देवरिया)
मंत्री – श्री प्रिंस साहनी (देवरिया सदर)
सभी पंचायत सहायकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से इन नए पदाधिकारियों का स्वागत किया। संघ परिवार ने विश्वास जताया कि नए नेतृत्व के मार्गदर्शन में पंचायत सहायक संघ और अधिक सशक्त होगा और सहायकों की आवाज को शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुँचाया जाएगा।
संघर्ष और संकल्प का प्रतीक बना यह कार्यक्रम
पंचायत सहायक संघ ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल ज्ञापन सौंपने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह पंचायत सहायकों की एकजुटता, संघर्ष और संकल्प का प्रतीक है। संगठन का लक्ष्य केवल मांगों की पूर्ति करना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक पंचायत सहायक को न्याय, सम्मान और गरिमा दिलाना भी है।
संघ ने ऐलान किया कि आने वाले दिनों में संगठन गांव-गांव तक जाकर पंचायत सहायकों को और अधिक जागरूक करेगा तथा अपनी आवाज बुलंद करने के लिए हर मंच का उपयोग करेगा। कार्यक्रम के अंत में सभी पंचायत सहायकों ने यह संकल्प लिया कि वे संगठन को मजबूती देंगे और अपने अधिकारों की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ेंगे।