Deoria News: कुंभ स्नान से लौटते समय दर्दनाक हादसा: पत्नी घायल, पति के दोनों पैर कटे, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज

देवरिया जिले के गौरीबाजार विकास खंड के लक्ष्मीपुर ग्राम सभा के बसहवां टोला में कुंभ स्नान से लौटते समय एक दर्दनाक हादसा हो गया। प्रयागराज से स्नान कर घर लौट रहे महेंद्र निषाद (48 वर्ष) और उनकी पत्नी गौरीबाजार रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के दौरान हादसे का शिकार हो गए। हादसे में महेंद्र निषाद के दोनों पैर ट्रेन की चपेट में आकर कट गए, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। फिलहाल महेंद्र निषाद का इलाज गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

महेंद्र निषाद, जो स्वर्गीय मटेल्हु के पुत्र हैं, अपने परिवार के साथ दो दिन पहले प्रयागराज कुंभ स्नान के लिए गए थे। स्नान के बाद गुरुवार की भोर में जब वे घर लौट रहे थे, तो गौरीबाजार रेलवे स्टेशन पर उतरने के प्रयास में यह हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि ट्रेन से उतरते समय अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण महेंद्र निषाद फिसल गए और ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनके दोनों पैर कट गए। उनकी पत्नी भी इस हादसे में घायल हो गईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

हादसे के वक्त महेंद्र निषाद का छोटा बेटा रत्नेश भी उनके साथ था, जो इस दुर्घटना में बाल-बाल बच गया। रत्नेश बेंगलुरु से अपने माता-पिता के संपर्क में था और कुंभ स्नान के दौरान उनसे मिलने आया था। परिवार के साथ घर लौटते समय यह दर्दनाक हादसा हो गया, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। महेंद्र निषाद को तुरंत गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टर्स के मुताबिक उनकी हालत गंभीर बनी हुई है, वहीं उनकी पत्नी को भी गंभीर चोटें आई हैं। परिवार के अन्य सदस्यों और रिश्तेदारों का रो-रो कर बुरा हाल है।

इस हादसे की खबर गांव में आग की तरह फैल गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने परिवार की मदद के लिए सहयोग राशि एकत्रित करनी शुरू कर दी है ताकि इलाज में किसी प्रकार की कोई कमी न रहे। गांव के लोग महेंद्र निषाद के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं और हर संभव सहायता देने का प्रयास कर रहे हैं।

यह हादसा एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा और सावधानी की कमी की ओर इशारा करता है। यात्रियों को ट्रेन से चढ़ने और उतरने के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। प्रशासन और रेलवे विभाग से भी यह अपेक्षा की जा रही है कि वे ऐसे हादसों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएं और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

महेंद्र निषाद के परिवार के लिए यह समय अत्यंत कठिन है। पूरा गांव उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है और उनके इलाज के लिए हर संभव मदद कर रहा है। प्रशासन से भी परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की जा रही है, ताकि वे इस मुश्किल समय में मजबूती से खड़े हो सकें।

यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़ी त्रासदी है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। अब सभी की निगाहें महेंद्र निषाद के स्वास्थ्य पर टिकी हैं, और सभी लोग उनकी जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

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