उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में रविवार को योगी सरकार का सख्त रुख एक बार फिर देखने को मिला। देवरिया शहर में स्थित अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार पर जिला प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए उसे ध्वस्त कर दिया। प्रशासन के अनुसार यह मजार सरकारी बंजर भूमि पर अवैध अतिक्रमण करके बनाई गई थी, जिसे हटाने के लिए लंबे समय से कार्रवाई चल रही थी।

इस पूरे मामले की शिकायत देवरिया सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी। शिकायत के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच शुरू की गई।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, यह मामला देवरिया एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन था। अदालत के निर्देश पर मजार की जमीन की कई बार पैमाइश कराई गई। पैमाइश रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि मजार जिस भूमि पर बनी थी, वह सरकारी बंजर भूमि है और उस पर किसी भी तरह का निजी या धार्मिक निर्माण अवैध है।
सभी तथ्यों और दस्तावेजों के अवलोकन के बाद एसडीएम कोर्ट ने मजार को अवैध मानते हुए उसे ध्वस्त करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में रविवार को भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर की गई है और सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण न करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देवरिया में हुई इस कार्रवाई को योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ बिना भेदभाव सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

