Deoria News: देवरिया में स्कूल वाहनों पर बड़ा एक्शन: कई निजी स्कूलों को नोटिस, बसों में मानकों की मिली भारी अनदेखी

देवरिया। जिले में संचालित निजी स्कूलों की बसों और अन्य वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। खंड शिक्षा अधिकारी देवरिया सदर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शासन के निर्देश पर देवरिया सदर एवं नगर क्षेत्र में संचालित विद्यालयों की जांच की गई, जिसमें कई विद्यालयों के वाहन मानकों के विपरीत पाए गए। इसके बाद संबंधित स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तत्काल कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।


जांच के दौरान सबसे पहले कसया रोड स्थित कार्यालय पब्लिक स्कूल, रघुनाथपुर का निरीक्षण किया गया। यहां विद्यालय द्वारा संचालित एक वाहन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जाना पाया गया। खंड शिक्षा अधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि ऐसे बच्चों का निकटतम परिवहन सुविधा वाले वाहन या विद्यालय में नामांकन कराया जाए। साथ ही विद्यालय को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।


इसके बाद कसया रोड स्थित रेनबो पब्लिक स्कूल, रघुनाथपुर की जांच की गई। यह विद्यालय कक्षा एक से आठ तक मान्यता प्राप्त है। जांच में सामने आया कि विद्यालय में बच्चों को लाने-ले जाने के लिए जिस वाहन का उपयोग किया जा रहा है, वह वाहन बच्चों की सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता। वाहन में सुरक्षा संबंधी कई कमियां पाई गईं, जिसके चलते विद्यालय को तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।


सबसे गंभीर स्थिति सलेमपुर रोड स्थित सनवीम स्कूल में मिली। जांच में पाया गया कि विद्यालय द्वारा मिनी बस, स्कूल वैन, मैजिक वाहन और अन्य निजी वाहनों के माध्यम से बच्चों को लाया और ले जाया जा रहा है। विद्यालय के पास कुल 21 वाहन संचालित पाए गए, लेकिन इनमें से अधिकांश वाहनों पर न तो निर्धारित पीले रंग का उपयोग किया गया था और न ही स्कूल वाहन संबंधी अनिवार्य मानकों का पालन किया जा रहा था। कई वाहनों पर “स्कूल बस” अथवा विद्यालय का नाम भी अंकित नहीं था। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय को नोटिस जारी किया है और पांच दिनों के भीतर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं।
इसी तरह एडीएसएम पब्लिक स्कूल, सोनूघाट में भी जांच के दौरान बड़ी अनियमितता सामने आई। विद्यालय को केवल अस्थायी मान्यता प्राप्त होने के बावजूद विद्यालय द्वारा चार पहिया वाहन के माध्यम से बच्चों को लाया-ले जाया जा रहा था। जांच में पाया गया कि विद्यालय के वाहन पर न तो स्कूल का नाम अंकित था और न ही वाहन पीले रंग में रंगा गया था। इस पर विद्यालय प्रबंधन को कड़ी चेतावनी देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
देवरिया-सोनूघाट मार्ग पर स्थित रॉयल एकेडमी इंटर कॉलेज में भी बच्चों के परिवहन को लेकर गंभीर लापरवाही मिली। विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई संचालित है, लेकिन बच्चों को ले जाने वाले वाहन पर स्कूल का नाम स्पष्ट रूप से अंकित नहीं था। वाहन के रंग और अन्य मानकों में भी कमी पाई गई। इस पर विद्यालय प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
हालांकि जांच के दौरान सेंट्रल पब्लिक स्कूल, देवरिया सदर के सभी वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए। प्रशासन ने इस विद्यालय की व्यवस्था की सराहना की है।
खंड शिक्षा अधिकारी देवरिया सदर देवमणि वर्मा ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले के सभी मान्यता प्राप्त और निजी स्कूलों के वाहनों की लगातार जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिन विद्यालयों द्वारा बिना मानक के वाहन चलाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नोटिस के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। बच्चों को ढोने वाले वाहनों में निर्धारित रंग, स्कूल का नाम, चालक की जानकारी, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और क्षमता के अनुरूप बच्चों को बैठाना अनिवार्य है। प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए केवल उन्हीं विद्यालयों में प्रवेश दिलाएं जहां परिवहन व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित और नियमों के अनुरूप हो।

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