Deoria News: बैतालपुर चीनी मिल पुनः शुरू कराने की मांग पर डटे किसान, धरने का 177वां दिन भी जारी

देवरिया, 30 मई 2025 – चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में बैतालपुर चीनी मिल को पुनः संचालित कराने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। शुक्रवार को यह धरना अपने 177वें दिन में प्रवेश कर गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट परिसर में जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।

किसानों का कहना है कि एक समय में देश में सबसे अधिक 14 चीनी मिलें देवरिया जिले में संचालित थीं, लेकिन आज स्थिति यह है कि जिला अपनी एक अदद चीनी मिल के लिए तरस रहा है। बैतालपुर चीनी मिल, जिसे विशेष रूप से चलाने के उद्देश्य से बेचा गया था, वह भी सरकारी उपेक्षा और कथित षड्यंत्रों की भेंट चढ़ गई। आंदोलनकारी किसानों का आरोप है कि मिल क्रेता, विक्रेता और तत्कालीन सरकार की मिलीभगत से मिल अनुबंध के अनुसार नहीं चलाई गई। वहीं वर्तमान सरकार ने भी इस मुद्दे को लेकर उदासीनता की सारी हदें पार कर दी हैं।

धरने का नेतृत्व कर रहे बृजेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री बार-बार बैतालपुर में चीनी कॉम्प्लेक्स बनाने की घोषणा करते हैं, लेकिन वह आम आदमी के लिए अब अविश्वसनीय बनती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ झूठे वादों से किसानों को भ्रमित कर रही है। त्रिपाठी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही बैतालपुर चीनी मिल को पुनः शुरू करने का ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो किसान आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे, जिसका इतिहास खुद गवाह बनेगा।

इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हो रहे हैं। आज धरना स्थल पर उपस्थित प्रमुख लोगों में रत्नेश मिश्रा, राजू चौहान, नइम, अनूप कुमार सिंह, मंजू चौहान, रामलाल गुप्ता, राम आधार चौहान, विजय शंकर, रमाशंकर, संजीव शुक्ला, राधा गिरी, बकरीदन उर्फ बरकत अली, विजय कुमार सिंह, कन्हैया तिवारी, धर्मवीर यादव, सुनील कुमार यादव सहित कई अन्य लोग शामिल रहे।

किसानों का यह दृढ़ संकल्प और संघर्ष यह दर्शाता है कि देवरिया के लोगों ने अपनी चीनी मिल को पुनः जीवित करने की ठान ली है।

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