देवरिया: बाल संरक्षण योजनाओं का लाभ हर पात्र तक पहुंचाने के निर्देश, डीएम ने कहा- लापरवाही पर होगी कार्रवाई। Deoria News

देवरिया। जनपद में बाल संरक्षण और महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रोबेशन विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में बाल कल्याण समिति, वन स्टॉप सेंटर और प्रोबेशन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से पहुंचे। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं सीधे समाज के कमजोर वर्गों, बच्चों और महिलाओं से जुड़ी हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।


जिलाधिकारी ने कहा कि प्रोबेशन विभाग, बाल कल्याण समिति और अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने विशेष रूप से बाल श्रम, बाल विवाह और बाल तस्करी जैसी सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन मामलों में सतर्कता बढ़ाई जाए और यदि कहीं ऐसी घटनाएं सामने आती हैं तो तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जनपद में बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा हो सके।


बैठक में डीएम ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत सभी छात्राओं को स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़ने पर जोर दिया। इसके लिए प्रत्येक विकास खंड में कम से कम 100 पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने और प्रोबेशन अधिकारी एवं बाल कल्याण समिति का संयुक्त खाता खोलकर समिति के निर्णय के अनुरूप योजनाओं के संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।


बाल गृह में रह रहे बच्चों के स्कूल आने-जाने की सुविधा को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड के माध्यम से वाहन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी से जुड़े अद्यतन आंकड़े नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश भी प्रोबेशन विभाग को दिए।
महिला एवं बाल सुरक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए जिलाधिकारी ने जनपद में बालिका गृह तथा वन स्टॉप सेंटर के नए भवनों के निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार भूमि उपलब्ध कराकर शासन से स्वीकृति मिलने के बाद भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे जरूरतमंद बच्चों और महिलाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में डीएम ने प्रोबेशन विभाग की योजनाओं को ग्राम स्तर तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 14 अगस्त को प्रत्येक ग्राम पंचायत में बाल कल्याण समिति की बैठक और अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) आयोजित की जाए, जिसमें बाल संरक्षण, बाल अधिकार और सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए। इसके अलावा 12 और 13 अगस्त को यूट्यूब सहित अन्य डिजिटल माध्यमों से विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने किशोर न्याय अधिनियम एवं अन्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए सीएचसी और पीएचसी में जन्म लेने वाली प्रत्येक बालिका की सूचना तत्काल प्रोबेशन विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें समय पर मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित अन्य लाभकारी योजनाओं से जोड़ा जा सके। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी पात्र व्यक्ति को योजनाओं के लाभ से वंचित न रहने दें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी स्कंद मिश्रा, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सावित्री राय, वन स्टॉप सेंटर से जुड़े सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जनपद में बाल संरक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

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