देवरिया में मेगा विधिक सहायता शिविर का आयोजन, 917 लाभार्थियों को मिला सरकारी योजनाओं का लाभ

✓ Verified Reporter B news
ID: BNP-REP
Hindi Audio TTS

देवरिया, 01 नवंबर। जनपद न्यायालय देवरिया परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में मेगा एवं बृहद विधिक सहायता तथा सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 917 जरूरतमंद लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। इस दौरान लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।

कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष धनेन्द्र प्रताप सिंह, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ब्रजेश मणि त्रिपाठी, नोडल अधिकारी एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र नाथ त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अर्चना तथा जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए, जहां पात्र एवं चिह्नित लाभार्थियों को केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से दी जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता एवं अन्य सेवाओं के बारे में आमजन को जागरूक किया गया। शिविर में निर्बल, निर्धन, बच्चों, महिलाओं, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों को विशेष रूप से योजनाओं से जोड़ा गया।

इस दौरान दिव्यांगजनों को एक व्हीलचेयर, नौ हियरिंग एड, मानसिक दिव्यांगजनों को 13 एमआर किट तथा 20 स्मार्टकैन छड़ियां वितरित की गईं। इसके अलावा विभिन्न विभागों की ओर से 874 अन्य लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इस प्रकार कुल 917 लाभार्थियों को लाभान्वित कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं की गोदभराई तथा छह माह के बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र लोगों से उनका लाभ उठाने की अपील की।

शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद और वंचित वर्ग के लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें उनके कानूनी अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सहायता के प्रति जागरूक करना रहा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular