चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों के लिए एक बेहद खास और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां आधुनिक तकनीक से लैस सुरक्षा उपकरणों और हथियारों का प्रदर्शन कर छात्रों को नई दुनिया से रूबरू कराया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सुरक्षा बलों की कार्यशैली, अत्याधुनिक हथियारों की तकनीक और राष्ट्र की सुरक्षा में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों के बारे में जागरूक करना था।

कार्यक्रम में सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र रहा VR रॉकेट लॉन्चर। वर्चुअल रियलिटी तकनीक के जरिए छात्रों को यह अनुभव कराया गया कि आधुनिक हथियार कैसे संचालित किए जाते हैं और इनका उपयोग किस परिस्थिति में किया जाता है। VR के माध्यम से छात्रों ने एक अलग ही तरह का अनुभव महसूस किया, जहां तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था का वास्तविकता जैसा अभ्यास कराया गया। विद्यार्थियों ने इसे बेहद रोमांचक और सीखने वाला अनुभव बताया।
इसके साथ ही 3-डी एनिमेशन हथियार मॉडल भी प्रदर्शित किए गए, जिनमें हथियारों की बनावट, पार्ट्स की कार्यप्रणाली और संचालन की प्रक्रिया को बेहद आसान तरीके से समझाया गया। 3D मॉडलिंग के माध्यम से छात्रों को यह दिखाया गया कि हथियारों के अलग-अलग हिस्से किस तरह काम करते हैं और किन तकनीकी पहलुओं का ध्यान रखा जाता है। यह प्रदर्शन खासतौर पर उन छात्रों के लिए उपयोगी रहा जो इंजीनियरिंग, एनीमेशन, टेक्नोलॉजी और डिफेंस से जुड़े विषयों में रुचि रखते हैं।
कार्यक्रम में बम निरोधक दस्ते के कवच (Bomb Disposal Suit) और अन्य सुरक्षा उपकरण भी प्रदर्शित किए गए। जवानों ने छात्रों को बताया कि बम निरोधक दस्ते का कवच कितना मजबूत और सुरक्षित होता है तथा इसे पहनकर जवान किस तरह जोखिमभरे ऑपरेशन को अंजाम देते हैं। छात्रों को यह भी जानकारी दी गई कि ऐसे ऑपरेशन में सुरक्षा उपकरणों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है और एक छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है।
जवानों ने छात्रों को हथियारों के बारे में सिर्फ प्रदर्शन ही नहीं कराया, बल्कि सुरक्षा नियमों और सावधानियों पर भी विशेष रूप से चर्चा की। उन्होंने समझाया कि हथियारों का इस्तेमाल केवल प्रशिक्षण प्राप्त लोगों द्वारा ही किया जाता है और किसी भी हथियार को बिना अनुमति या जानकारी के छूना भी खतरनाक हो सकता है। इस दौरान छात्रों ने जवानों से कई सवाल पूछे, जिनका जवाब बेहद सरल और स्पष्ट तरीके से दिया गया।
इस कार्यक्रम ने छात्रों के भीतर देशभक्ति, अनुशासन और सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया। कई छात्रों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से उन्हें करियर की दिशा तय करने में भी मदद मिलती है और वे सुरक्षा बलों की जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के बारे में
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी एक NAAC A+ ग्रेड और QS वर्ल्ड रैंक धारक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी है। यह यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त स्वायत्त शैक्षणिक संस्थान पंजाब राज्य में चंडीगढ़ के पास स्थित है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी भारत की सबसे युवा यूनिवर्सिटीज में गिनी जाती है और पंजाब की एकमात्र प्राइवेट यूनिवर्सिटी है जिसे राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा A+ ग्रेड से सम्मानित किया गया है।
यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों के लिए 109 से अधिक अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम उपलब्ध हैं। इनमें इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, लॉ, आर्किटेक्चर, जर्नालिज्म, एनीमेशन, होटल मैनेजमेंट और कॉमर्स जैसे प्रमुख कोर्स शामिल हैं। यूनिवर्सिटी अपने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री से जुड़ी पढ़ाई और स्किल-बेस्ड लर्निंग के लिए भी जानी जाती है।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने अपने शानदार प्लेसमेंट रिकॉर्ड के जरिए एक अलग पहचान बनाई है। इसी उपलब्धि के चलते इसे वर्ल्ड कंसल्टिंग एंड रिसर्च कॉरपोरेशन (WCRC) द्वारा “यूनिवर्सिटी विद बेस्ट प्लेसमेंट” अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
कुल मिलाकर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में आयोजित यह कार्यक्रम छात्रों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हुआ। आधुनिक तकनीक, सुरक्षा उपकरणों की जानकारी और जवानों के मार्गदर्शन ने छात्रों को न सिर्फ सीखने का मौका दिया, बल्कि उन्हें यह भी समझाया कि देश की सुरक्षा के पीछे कितनी मेहनत, तकनीक और साहस काम करता

