केंद्र सरकार के दस वर्ष और उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के आठ वर्ष पूरे होने के बावजूद बरहज में सरयू नदी पर प्रस्तावित मोहन सेतु पुल का निर्माण कार्य अब तक पूरा न होना क्षेत्र में राजनीतिक बहस और जन आक्रोश का कारण बनता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर शनिवार को समाजवादी पार्टी की ओर से मोहन सेतु स्थल पर बड़े पैमाने पर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व सपा नेता विजय रावत ने किया। अभियान में देवराचल और आसपास के क्षेत्रों से आए सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर पुल निर्माण की मांग को मजबूती से उठाया।

हस्ताक्षर अभियान के दौरान विजय रावत ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा सरकार द्वेष भावना से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मोहन सेतु जैसे महत्वपूर्ण पुल का अधूरा रह जाना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। यह पुल केवल बरहज ही नहीं, बल्कि देवरिया जिले के कई इलाकों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसके पूरा न होने से लोगों को रोजमर्रा के आवागमन, व्यापार और आपातकालीन सेवाओं में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विजय रावत ने सवाल उठाया कि जब केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को दस साल और प्रदेश सरकार को आठ साल पूरे हो चुके हैं, तो फिर अब तक मोहन सेतु का निर्माण कार्य क्यों अधूरा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि वर्षों बाद भी जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार विकास की बातें तो करती है, लेकिन बरहज की जनता आज भी सरयू नदी पार करने में कठिनाइयों से जूझ रही है। मोहन सेतु का निर्माण पूरा हो जाने से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, लेकिन सरकार की उदासीनता के कारण यह सपना अब तक अधूरा है।
सपा नेता ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही मोहन सेतु का निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं किया गया और उसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने की ठोस घोषणा नहीं की गई, तो समाजवादी पार्टी आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि आगे चलकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
हस्ताक्षर अभियान के दौरान स्थानीय लोगों ने भी अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। लोगों का कहना था कि पुल का काम अधूरा रहने से किसानों, व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। कई लोगों ने कहा कि चुनाव के समय नेता पुल निर्माण का मुद्दा जोर-शोर से उठाते हैं, लेकिन बाद में इसे भुला दिया जाता है।
इस मौके पर सभासद प्रतिनिधि सुशील यादव, विकास कुमार, आदित्य सिंह, दिनेश यादव, राहुल तिवारी, अखिलेश मिश्रा, अनिल तिवारी, राजकुमार मिश्रा, शतिष यादव सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया और मोहन सेतु का काम जल्द शुरू कर पूरा कराने की मांग की।
समाजवादी पार्टी नेताओं का कहना है कि यह अभियान केवल शुरुआत है। यदि सरकार ने जनता की मांगों को अनसुना किया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बरहज क्षेत्र की जनता अब आर-पार की लड़ाई के मूड में दिखाई दे रही है और मोहन सेतु का मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक रूप से और गर्माने की संभावना है।

