अगर आप भी खाते हैं चिकन तो हो जाइए सावधान नहीं तो हो सकते हैं आप बीमार

पोटली फॉर्म के चिकन का सेवन, यदि उचित सावधानियों के बिना किया जाए, तो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:

  1. संक्रमण का जोखिम: पोटली फॉर्म में रखे गए चिकन में बैक्टीरिया, जैसे सैल्मोनेला या कैंपिलोबैक्टर हो सकते हैं, जो खाद्यजनित बीमारियों का कारण बन सकते हैं। अगर चिकन को ठीक से पकाया नहीं जाता है, तो ये बैक्टीरिया जीवित रह सकते हैं और बीमारी का कारण बन सकते हैं।
  2. एंटीबायोटिक अवशेष: कुछ पोटली फॉर्म में मुर्गियों को एंटीबायोटिक्स दिए जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप चिकन के मांस में एंटीबायोटिक अवशेष हो सकते हैं, जो उपभोक्ता के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं और एंटीबायोटिक प्रतिरोध का कारण बन सकते हैं।
  3. हार्मोन और अन्य रसायन: कुछ पोटली फॉर्म में मुर्गियों को विकास हार्मोन और अन्य रसायन दिए जाते हैं ताकि वे जल्दी बड़े हो सकें। इन रसायनों का सेवन मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
  4. संपर्क संक्रमण: पोटली फॉर्म में रखे गए मुर्गियों के मल और कचरे में कई प्रकार के रोगाणु हो सकते हैं। यदि चिकन की सफाई और तैयारी के दौरान सावधानी नहीं बरती जाती है, तो यह संक्रमण का स्रोत बन सकता है।
  5. पोषण का असंतुलन: पोटली फॉर्म में मुर्गियों को कई बार असंतुलित आहार दिया जाता है, जिससे उनके मांस का पोषण मूल्य घट सकता है। अधिक वसा और कम पोषण सामग्री वाले चिकन का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

सुझाव:

  1. सुरक्षित स्रोत से खरीदें: हमेशा विश्वसनीय और सुरक्षित स्रोतों से चिकन खरीदें, जहां स्वास्थ्य और स्वच्छता के मानकों का पालन किया जाता है।
  2. सही तरीके से पकाएं: चिकन को सही तापमान (कम से कम 165°F या 75°C) पर पकाएं ताकि सभी बैक्टीरिया नष्ट हो जाएं।
  3. साफ-सफाई का ध्यान रखें: चिकन को छूने के बाद हाथ धोएं और कच्चे चिकन को अन्य खाद्य पदार्थों से अलग रखें।
  4. पोषण संतुलन: सुनिश्चित करें कि आपका आहार संतुलित हो और विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर हो।

इन सावधानियों का पालन करके आप पोटली फॉर्म के चिकन के सेवन से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम कर सकते हैं।

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