Deoria News: देवरिया में छात्राओं से छेड़खानी करने वाले आरोपियों की पुलिस से मुठभेड़, दो गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के तरकुलवा थाना क्षेत्र में हाल ही में घटित एक शर्मनाक घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया। नारायणपुर कस्बे में दो कक्षा 8 की छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने वाले मनचलों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश और असुरक्षा का माहौल बन गया था, लेकिन पुलिस की तत्परता ने इस मामले को तुरंत सुलझाते हुए आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।

घटना का विवरण:

घटना उस दिन की है जब नारायणपुर कस्बे के एक स्कूल से दो छात्राएं अपनी परीक्षा देकर घर लौट रही थीं। वे अपनी साइकिल से रास्ते में थीं कि तभी बाइक पर सवार चार युवकों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। ये युवक दिनदहाड़े उन छात्राओं से छेड़खानी करने लगे। आरोपियों में धीरज पटेल, पुत्र राधाकिसुन और रितिक यादव, पुत्र दीनानाथ यादव, दोनों निवासी बैकुंठपुर बंजरिया थाना तरकुलवा, प्रमुख रूप से शामिल थे।

छात्राओं ने अपनी जान बचाने के लिए साइकिल छोड़ दी और चीखते-चिल्लाते वहां से भाग निकलीं। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हुए, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गए। इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो वायरल होते ही मामला पुलिस के संज्ञान में आया और आरोपियों को पकड़ने के लिए कार्रवाई तेज की गई।

छात्राओं की बहादुरी और घटना के बाद की स्थिति:

इस घटना के बाद दोनों छात्राएं और उनके परिवार वाले बेहद डरे हुए थे। छात्राओं की बहादुरी की सराहना की जा रही है क्योंकि उन्होंने न केवल छेड़छाड़ का विरोध किया, बल्कि वहां से भागकर अपनी जान भी बचाई। घटना के तुरंत बाद, छात्राओं ने स्कूल प्रशासन को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद स्कूल ने तरकुलवा थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।

छात्राओं की बहादुरी और इस मामले को गंभीरता से लेते हुए देवरिया पुलिस ने त्वरित कदम उठाए। पुलिस अधीक्षक (SP) संकल्प शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कई पुलिस टीमों का गठन किया और आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश दिए।

सीसीटीवी फुटेज से मिली अहम जानकारी:

पुलिस की जांच में सबसे महत्वपूर्ण सुराग सीसीटीवी फुटेज से मिला। घटना के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पुलिस को आरोपियों की बाइक और उनके चेहरे साफ दिखाई दिए। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और उनकी तलाश शुरू की।

मुठभेड़ में आरोपियों की गिरफ्तारी:

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपियों का पीछा किया और उन्हें पकड़ने के लिए जाल बिछाया। जब पुलिस ने तरकुलवा थाना क्षेत्र में आरोपियों को घेरा, तो उन्होंने भागने की कोशिश की। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ की, जिसमें दो आरोपियों के पैरों में गोली लगी और वे घायल हो गए। घायल होने के बाद पुलिस ने उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।

पुलिस की तत्परता और क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल:

देवरिया पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में पुलिस के प्रति विश्वास और बढ़ गया है। पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने इस मामले पर कड़ी नजर रखी और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाओं को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद से इलाके में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और स्कूलों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

परिवार और समाज की प्रतिक्रिया:

घटना के बाद छात्राओं के परिवार को गहरा सदमा लगा था, लेकिन पुलिस की तत्परता से उन्हें राहत मिली। परिवार वालों ने पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि अब वे थोड़ा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वहीं, समाज में इस घटना को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है। लोगों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं।

इस घटना के बाद समाज में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से अपील की है कि स्कूलों के आसपास सुरक्षा को और कड़ा किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

समाज में जागरूकता की आवश्यकता:

यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर बल्कि समाज की मानसिकता पर भी सवाल खड़े करती है। महिलाओं और बच्चियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं तभी रुकेंगी जब समाज जागरूक होगा और महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार को बढ़ावा देगा। ग्रामीण इलाकों में खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता की कमी है, जिसे दूर करने के लिए स्थानीय प्रशासन और समाजसेवी संगठनों को मिलकर काम करना होगा।

पुलिस ने इस घटना के बाद इलाके में जागरूकता अभियान चलाने की भी योजना बनाई है, ताकि इस तरह की घटनाओं को जड़ से खत्म किया जा सके। इसके साथ ही महिलाओं और लड़कियों को आत्मरक्षा के उपाय सिखाने के लिए भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है।

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