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Deoria News: सहकारी समितियों का सदस्य बनने के लिये जिलाधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी ने जारी की सार्वजनिक अपील

जनपद में कार्यरत सहकारी समितियों का सदस्य बनने के लिये जिलाधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी द्वारा आमजन के लिये सार्वजनिक अपील जारी की गयी है। अपनी अपील में जिले के दोनो आला अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया है कि वाणिज्यिक बैंको के 4 प्रतिशत की तुलना में सहकारी समितियाँ 3 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर अल्पकालीन कृषि आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु ऋण प्रदान कर रही है। समितियों के०सी०सी० के आधार पर लोनिंग करती हैं, जहाँ पर राज्य सरकार तथा भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदण्डों तथा प्रक्रिया के अनुसार लोनिंग की जाती है। अतः समितियों का सदस्य बन कर इनसे ऋण ग्रहण करना कास्तकारों के हित में है।


दोनो अधिकारियों द्वारा आगे अवगत कराया गया कि अल्पकालीन कृषि आवश्यकताओं की पूर्ति के अतिरिक्त सहकारी समितियों के माध्यम से कास्तकारों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, उर्वरक तथा कृषि रक्षा रसायन भी सही समय पर तथा निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराये जाते हैं। समितियों से किसानों का पारम्परिक जुड़ाव रहा है तथा समिति से वितरित उर्वरक तथा कृषि रक्षा रसायनों में मिलावट तथा ओवर रेटिंग की सम्भावनायें बहुत कम रहती हैं। समिति से जुड़कर खाद, बीज तथा कृषि रक्षा रसायन प्राप्त करना कास्तकारों के हितों के अनुकूल है।


अधिकारियों ने अवगत कराया कि सहकारी समितियों दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में कास्तकारों की कृषि उपजों का खरीद करने वाली सर्वाधिक महत्वपूर्ण इकाईयाँ हैं, अतः सहकारी समितियों किसानों के समग्र आवश्यकताओं की पूर्ति करती हैं जिसके क्रम में इनकी सदस्यता ग्रहण किया जाना किसानों के लिये फायदेमन्द है।अधिकारियों द्वारा आगे अवगत कराया गया कि केन्द्र में सहकारिता मन्त्रालय के गठन के बाद समितियों के माध्यम से कई तरह की नई गतिविधियों भी संचालित हो रही हैं जिसमें समितियों के माध्यम से कॉमन सर्विस सेन्टर का संचालन समितियों में जनऔषधि केन्द्रों का संचालन समितियों के गोदामों का डब्लू0डी०आर०ए० में पंजीकरण एवं समितियों द्वारा क्षेत्र में कार्यरत किसान उत्पादक संगठनों (एफ०पी०ओ०) से सम्बद्धीकरण एवं जिन क्षेत्रों में कास्तकारों को सहकारी समिति द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधायें प्राप्त नहीं हो रही हैं, उन क्षेत्रों हेतु उप केन्द्रों की स्थापना जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं। समितियाँ जिला सहकारी बैंक के बिजनेस करेस्पान्डेंट के रूप में कार्य करते हुये कास्तकारों को उनके दरवाजे पर ही बैंकिंग सुविधाओं को लाभ भी दे रही हैं, सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित इन नवीन गतिविधियों का पूरा फायदा किसानों को तभी प्राप्त होगा जब किसान सहकारी समिति की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक सहकारिता जनपद देवरिया ने अवगत कराया कि 15 अगस्त से जिले में महासदस्यता अभियान संचालित किया जायेगा जिसमें बढ़-चढ़ कर भागीदारी करने हेतु जिलाधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी ने आमजन के नाम सार्वजनिक अपील जारी की है। उनके द्वारा बताया गया कि मात्र 200.00 रू० का अंश कय करके कोई भी व्यक्ति स्थानीय सहकारी समिति के सचिव से सम्पर्क करते हुए समितियों की सदस्यता ग्रहण कर सकता है।

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अंशधन जमा करने हेतु कोई कितनी भी धनराशि समिति को दे सकता है तथा जमा अंशधन के सापेक्ष प्रत्येक कास्तकार को सहकारी समिति द्वारा केडिट लिमिट प्रदान की जाती है, जिसका उपयोग करके वह अपनी अल्पकालीन कृषि आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये सहकारी समिति से लोन ले सकता है। भारत सरकार में सहकारिता मंत्रालय का गठन होने के उपरान्त समितियों के लिये कई नई योजनायें चलायी जा रही हैं। नाबार्ड द्वारा समितियों में कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है, जिसमें प्रथम चरण में 17 समितियों तथा द्वितीय चरण में 64 समितियों, कुल मिलाकर 81 समितियों का चयन किया जा चुका है जिसके लिये हार्डवेयर की आपूर्ति अगले सप्ताह प्रारम्भ हो जायेगी जिससे समितियों के कामकाज में बहुत अधिक पारदर्शिता आयेगी। आगे भी भारत सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा सहकारी समितियों के लिये कई नई योजनायें प्रस्तावित हैं जिनका समुचित लाभ कास्तकार को तभी मिलेगा जब वह समिति की सदस्यता ग्रहण कर लेगा।
सहकार से समृद्धि की अवधारणा को मूर्तरूप देने हेतु कास्तकारों एवं सहकारिता में रूचि रखने वाले अन्य प्रबुद्धजनों का सहकारी समिति की सदस्यता ग्रहण किया जाना अत्यधिक आवश्यक है तथा इसी मकसद से जिलाधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी द्वारा आमजन के नाम सहकारी समितियों से जुड़ने हेतु सार्वजनिक अपील जारी की गयी है।

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