बनारस के 7 गांवों का मिट जाएगा नामोनिशान, बनेगा सिडनी जैसा एयरपोर्ट

वाराणसी: वाराणसी में एक बड़े विकास परियोजना के तहत सात गांवों का नामोनिशान मिट जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य वाराणसी को एक आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा प्रदान करना है, जो सिडनी एयरपोर्ट की तरह होगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद, यहां एक साथ 20 विमान खड़े हो सकेंगे, जिससे शहर की कनेक्टिविटी और सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा।

एयरपोर्ट का विस्तार

वाराणसी हवाई अड्डे के विस्तार के लिए, राज्य सरकार ने सात गांवों की भूमि अधिग्रहण की योजना बनाई है। यह गांव हैं: बासनी, सिसवां, हरपुर, राजातालाब, रिंगवा, जलालपुर, और गढ़वा। इन गांवों के स्थान पर एक विशाल और अत्याधुनिक हवाई अड्डे का निर्माण होगा, जिसमें नए रनवे, हैंगर, और यात्री सुविधाएं शामिल होंगी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं

इस हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा। इसमें अत्याधुनिक टर्मिनल भवन, हाई-स्पीड टैक्सीवे, और विशाल पार्किंग क्षेत्र शामिल होंगे। यात्रियों के लिए यहां पर आधुनिक सुविधाएं जैसे कि आरामदायक लाउंज, शॉपिंग मॉल, और फूड कोर्ट भी होंगे। यह एयरपोर्ट सिडनी एयरपोर्ट की तरह सभी सुविधाओं से लैस होगा, जिससे यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव मिलेगा।

पर्यावरण संरक्षण

परियोजना के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हवाई अड्डे के विस्तार के दौरान पेड़-पौधों की कटाई को कम से कम किया जाएगा और अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाएंगे। इसके अलावा, हवाई अड्डे पर सोलर पावर प्लांट्स भी लगाए जाएंगे, जिससे ऊर्जा की बचत हो सके और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।

रोजगार के अवसर

इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय निवासियों को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। हवाई अड्डे के निर्माण और इसके संचालन के दौरान हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही, हवाई अड्डे के पास स्थित व्यवसायों और उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।

सरकार की योजना

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता दी है और इसे समय पर पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस परियोजना से वाराणसी की पहचान एक अंतरराष्ट्रीय शहर के रूप में और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस परियोजना को सभी आवश्यक अनुमोदन और वित्तीय सहायता प्रदान करेगी ताकि इसे जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।

परियोजना की प्रगति

परियोजना की प्रगति को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हैं। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है और निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने की संभावना है। परियोजना की अनुमानित लागत हजारों करोड़ रुपये होगी और इसे 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

भविष्य की संभावनाएं

इस परियोजना के पूरा होने के बाद, वाराणसी का हवाई अड्डा देश के प्रमुख हवाई अड्डों में शामिल हो जाएगा। यह हवाई अड्डा न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा बल्कि वाराणसी को एक प्रमुख पर्यटन और व्यावसायिक केंद्र के रूप में भी स्थापित करेगा। यहां से देश और विदेश के प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध होंगी, जिससे यात्रियों को यात्रा में अधिक सुविधा और समय की बचत होगी।

इस विकास परियोजना से वाराणसी को एक नई पहचान मिलेगी और यहां के निवासियों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा। सरकार की यह पहल न केवल क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे देश के विकास में भी योगदान मिलेगा। वाराणसी का नया हवाई अड्डा भविष्य की संभावनाओं को खोलते हुए एक नई दिशा की ओर अग्रसर है।

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